विशेषज्ञ
अनित मुखर्जी
डायरेक्टर, कार्नेगी इंडिया
के बारे में
अनित मुखर्जी कार्नेगी इंडिया के डायरेक्टर हैं। इससे पहले, वो किंग्स इंडिया इंस्टीट्यूट में सीनियर लेक्चरर के रूप में काम कर रहे थे। किंग्स से जुड़ने से पहले उन्होंने सिंगापुर में दस साल बिताए, जहां वो नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी के एस. राजरत्नम स्कूल ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज़ (RSIS) में एसोसिएट प्रोफेसर थे। साल 2010 से 2012 तक, वो नई दिल्ली में मनोहर पर्रिकर रक्षा अध्ययन एवं विश्लेषण संस्थान (MP-IDSA) में रिसर्च फेलो रहे।
उन्होंने जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी के पॉल एच नित्सी स्कूल ऑफ एडवांस्ड इंटरनेशनल स्टडीज़ (SAIS) से पीएचडी की है। इसके अलावा, उन्होंने पेंसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर द एडवांस्ड स्टडी ऑफ इंडिया (CASI) में पोस्ट डॉक्टरेट किया है। अपने डॉक्टरेट प्रोग्राम के दौरान, उन्होंने ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूशन में काम किया और RAND कॉर्पोरेशन में समर एसोसिएट भी रहे।
अनित द एब्सेंट डायलॉग: पॉलिटिशियंस, ब्यूरोक्रेट्स एंड द मिलिट्री इन इंडिया (न्यूयॉर्क: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी प्रेस, 2019) के लेखक हैं, जिसमें भारत में नागरिकों और सेना के बीच संबंधों तथा सेना की कार्यक्षमता की भूमिका का विश्लेषण किया गया है। वो इंडिया-चाइना मैरीटाइम कॉम्पिटिशन: द सिक्योरिटी डिलेमा ऐट सी (रूटलेज, 2019) और इंडियाज़ नेवल स्ट्रैटेजी एंड एशियन सिक्योरिटी (रूटलेज, 2015) किताबों के को-एडिटर भी हैं।
उनके लेख आर्म्ड फोर्सेज़ एंड सोसायटी, यूरोपियन जर्नल ऑफ इंटरनेशनल सिक्योरिटी, एशियन सिक्योरिटी, एशिया पॉलिसी, न्यूयॉर्क टाइम्स और द कारवां समेत कई पत्रिकाओं और समाचार प्रकाशनों में छपे हैं। उनके लेख ‘फाइटिंग सेपरेटली: जॉइंटनेस एंड सिविल-मिलिट्री रिलेशंस इन इंडिया’ को 2017 में द जर्नल ऑफ स्ट्रैटेजिक स्टडीज़ की तरफ से एमोस पर्लमटर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। फिलहाल, वो भारत की रक्षा नीतियों पर एक सह-लेखक के साथ मिलकर किताब लिख रहे हैं।
इससे पहले, वो भारतीय सेना में मेजर थे और खड़कवासला स्थित नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) के छात्र रहे हैं।
विशेषज्ञता के क्षेत्र
शिक्षा
PhD, Paul H Nitze School of Advanced International Studies (SAIS), Johns Hopkins University